अंगारक दोष निवारण पूजा

यदि मंगल पर राहु और केतु में से किसी एक से या इन दोनों ग्रहों पर दृष्टि हो तो जातक की कुंडली में अंगारक योग बनता है। यदि इस योग में राहु-केतु और मंगल अशुभ स्थान पर हों तो ही यह योग अशुभ फल देता है।

अंगारक दोष के प्रभाव:

इस दोष के प्रभाव में व्यक्ति क्रोधित हो जाता है और उसे क्रोध आने लगता है। इस पूजा से व्यक्ति का स्वभाव शांत हो जाता है और वह अपने कार्यों को आराम से पूरा कर पाता है।


इस दोष से पीड़ित जातक अपने निर्णय लेने में असमर्थ होते हैं। अंगारक योग के कारण क्रोध, अग्नि, दुर्घटना, रक्त संबंधी रोग और त्वचा संबंधी समस्याएं मुख्य रूप से होती हैं।


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पूजा सामग्री

धूप, फूल, सुपारी, दही, मौली,जौ,तिल, पान,हवन सामग्री,  देसी घी, मिठाई, गंगाजल, कलावा, हवन के लिए लकड़ी (आम की लकड़ी), आम के पत्ते, अक्षत, रोली, जनेऊ, कपूर, शहद, चीनी, हल्दी और गुलाबी कपड़ा इत्यादि ।

अंगारक दोष शांति पूजा

अंगारक दोष की रोकथाम के लिए पूजा के कई तरीके हैं। सबसे अच्छी विधि वैदिक मंत्रों द्वारा की जाने वाली विधि है। अंगारक दोष की शांति के लिए ग्रहों राहु-केतु और मंगल को उनके मंत्रों से शांत किया जाता है।

अंगारक दोष निवारण पूजा के लाभ-:

•इस अंगारक दोष अनुष्ठान को करने से आपके महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध होते हैं।

•इस पूजा के प्रभाव से आपके सभी रुके हुए कार्य पूरे होते हैं।

शारीरिक और मानसिक चिंताएं दूर होती हैं।

•नौकरी, करियर और जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं दूर होती हैं।

~पूजा का समय~

पूजा का समय शुभ मुहूर्त देखकर तय किया जाएगा।


यजमान द्वारा वांछित जानकारी

नाम और गोत्र, पिता का नाम

जन्म तिथि, स्थान

पूजा का प्रसाद

 सूखा प्रसाद

यह सौभाग्य कैसे प्राप्त करें

आप किसी भी पूजन या शांति के लिए संपर्क सूत्र -+91 8229008667 पर  संपर्क कर सकते हैं और अपने या अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए अंगारक दोष पूजा का समय निर्धारित कर सकते हैं।


अंगारक योग की शांति के लिए आप जिस किसी को भी यह पूजा करना चाहते हैं, उसका नाम, जन्म स्थान, गोत्र और पिता का नाम अवश्य पता होना चाहिए।

नोट:-अगर आप अपने घर पर  करवाना चाहते हैं तो आने जाने का खर्च अलग से देना होगा

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